चकिया से विनय राय की रिपोर्ट
11000 वोल्ट का खतरनाक बिजली पोल सड़क पर पड़ा, शासन-प्रशासन बेखबर, हादसे का इंतजार?
चकिया ‚चन्दौली।चकिया-नौगढ़ मुख्य मार्ग पर मूसा खान तिराहे के पास पिछले कई दिनों से सड़क पर गिरा पड़ा 11000 वोल्ट का बिजली पोल अब “दुर्घटना का खुला न्योता” बन चुका है। बुधवार शाम आए भयावह चक्रवात, आंधी और बवंडर ने जहां पूरे इलाके को हिला कर रख दिया, वहीं बिजली विभाग की सुस्ती ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।

हालत यह है कि जिस सड़क से रोज़ हजारों लोग गुजरते हैं, उसी सड़क पर मौत बनकर बिजली का पोल पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी केवल फोन पर खानापूर्ति कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
“क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?”
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अफसरों की नींद नहीं खुल रही। एसडीओ का रवैया इतना ठंडा बताया जा रहा है कि लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर रात के अंधेरे में कोई बाइक सवार या स्कूली वाहन इस पोल की चपेट में आ गया तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
चकिया-नौगढ़ मार्ग कोई सामान्य सड़क नहीं, बल्कि नौगढ़ मुख्यालय को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण लाइफलाइन मानी जाती है। इसी मार्ग का निरीक्षण खुद जिलाधिकारी भी कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अफसरों की नजर इस खतरनाक स्थिति पर क्यों नहीं पड़ रही?
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“गांवों में अंधेरे का साम्राज्य”
आंधी के बाद क्षेत्र के कई गांव आज भी अंधेरे में डूबे हुए हैं। कहीं तीन दिन बाद बिजली बहाल हुई, तो कहीं अब भी लोग लालटेन और मोबाइल टॉर्च के सहारे रात काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग केवल कागजी मरम्मत दिखाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहा है।

पंचवनिया में भी गरमाया था मामला
इधर पंचवनिया क्षेत्र में भी बिजली संकट और टूटे पोल को लेकर मामला तूल पकड़ चुका है। हालांकि वहां किसी तरह मामला शांत कराया गया, लेकिन लोगों में गुस्सा अभी भी कम नहीं हुआ है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि “जब तक व्यवस्था सुधरेगी नहीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
जनता पूछ रही बड़ा सवाल
- क्या विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
- क्या 11000 वोल्ट का पोल सड़क पर पड़ा रहना प्रशासन को दिखाई नहीं दे रहा?
- क्या अफसर सिर्फ फाइलों और फोन कॉलों तक सीमित रहेंगे?
चकिया और नौगढ़ की जनता अब जवाब चाहती है। क्योंकि सड़क पर पड़ा यह पोल सिर्फ लोहे का ढांचा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का जिंदा सबूत बन चुका है।






















