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शिकारगंज राजवाहा का पश्चिमी तटबंध टूटा, किसानों ने खुद संभाला मोर्चा

कूड़ा-करकट और घास-फूस से पट चुकी नहर, विभागीय सफाई के दावों पर उठे सवाल; टेल तक पानी पहुंचाने को लेकर किसानों में आक्रोश

 खबरी न्यूज   चकिया/चंदौली।
किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने वाली शिकारगंज राजवाहा की बदहाली एक बार फिर सामने आ गई। शुक्रवार की रात करवदिया गांव के उत्तर तरफ राजवाहा का पश्चिमी तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने से नहर का पानी बाहर निकलने लगा तो सुबह होते-होते किसानों में हड़कंप मच गया। हालात यह रहे कि विभागीय अमले का इंतजार करने के बजाय किसानों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया और बोरियों में मिट्टी भरकर टूटी पटरी को किसी तरह दुरुस्त किया।

बताया जाता है कि राजवाहा लंबे समय से कूड़ा-करकट, घास-फूस और जंगली लताओं से पटी हुई है, जिसके कारण नहर में पानी का प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि समय रहते नहर की सफाई करा दी जाती तो तटबंध टूटने जैसी स्थिति शायद पैदा नहीं होती।

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कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई सफाई

किसान विकास मंच के नेता सरोज कुमार यादव ने आरोप लगाया कि नहर की सफाई को लेकर उन्होंने कई बार बंधी डिवीजन के अवर अभियंता से शिकायत की थी। उनसे राजवाहा की सफाई कराने की मांग की गई, लेकिन हर बार मामले को टाल दिया गया।

किसानों का कहना है कि नहर की समय से सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह घास और लताएं इतनी बढ़ गई हैं कि पानी के प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। ऐसे में तटबंध पर दबाव बढ़ने से उसके टूटने का खतरा लगातार बना हुआ था।

सुबह किसानों ने खुद भरी मिट्टी, निकाली घास-लताएं

तटबंध टूटने की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब सात-आठ किसान मौके पर पहुंचे। किसानों ने अपने हाथों से बोरियों में मिट्टी भरकर टूटी हुई पटरी की मरम्मत शुरू की। यही नहीं, नहर में जमा घास और लताओं को निकालने के लिए किसानों ने बांस के लग्गों में अंकुसी बांधकर सफाई अभियान भी चलाया।

किसानों का कहना है कि उनका मकसद किसी तरह पानी के बहाव को बनाए रखना है, क्योंकि अभी क्षेत्र के आधे खेतों में धान की रोपाई तक नहीं हो सकी है। यदि समय पर पानी नहीं पहुंचा तो किसानों की पूरी खेती प्रभावित हो सकती है।

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पिपरखड़िया टेल तक पानी पहुंचाना बड़ी चुनौती

किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजवाहा के पिपरखड़िया टेल तक पानी पहुंचाने की है। किसानों का कहना है कि यदि नहर की सफाई और मरम्मत समय रहते नहीं कराई गई तो टेल क्षेत्र के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचना मुश्किल होगा।

किसानों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि राजवाहा की तत्काल प्रभाव से सफाई कराई जाए और टूटे तटबंध की स्थायी मरम्मत कराकर सिंचाई व्यवस्था को सुचारु किया जाए।

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अधिकारियों से शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन की चेतावनी

किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मामले की शिकायत बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद और सहायक अभियंता हीरालाल यादव से की है।

किसान विकास मंच ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकारी कर्मचारियों और विभागीय अधिकारियों का रवैया इसी तरह उदासीन बना रहा और राजवाहा की सफाई एवं तटबंध की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो किसान विकास मंच के कार्यकर्ता बंधी डिवीजन कार्यालय, चकिया में प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

किसानों का सवाल सीधा है—जब नहर की सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग की है, तो आखिर किसान कब तक अपने हाथों से मिट्टी भरकर और घास-फूस निकालकर सिंचाई व्यवस्था बचाते रहेंगे?

इन किसानों ने संभाली कमान

मौके पर किसान विकास मंच के नेता सरोज कुमार यादव, बिमलेश यादव, रमेश चंद्र, मोहन पासवान, उमाशंकर यादव, संजय सिंह, सुभाष यादव सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

अब देखना यह है कि किसानों की शिकायत के बाद बंधी डिवीजन के अधिकारी राजवाहा की सफाई और तटबंध की स्थायी मरम्मत के लिए कितनी तेजी से कदम उठाते हैं।

खबरी न्यूज की नजर किसानों की हर समस्या पर।
सवाल सिर्फ खबर का नहीं… सच का है।

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