

???????? Khabari News – Chakia Exclusive
Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava (Adv.)
चकिया की ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी धरती इन दिनों एक अनोखे सांस्कृतिक महोत्सव की गवाह बन गई है। वार्ड नंबर पाँच स्थित श्री राम जानकी मंदिर ठाकुरबाग में नगर पंचायत चकिया द्वारा कराया जा रहा सुंदरीकरण कार्य लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
जहाँ पहले सिर्फ़ ईंट-पत्थर और साधारण रंग दिखाई देते थे, अब वही दीवारें जीवंत हो उठी हैं। कभी राम-जानकी का अद्भुत रूप, तो कभी श्रीकृष्ण की बाँसुरी की मधुर धुन; कहीं बजरंगबली की वीर मुद्रा, तो कहीं राम मंदिर अयोध्या का अद्वितीय स्वरूप। इन दीवारों पर उकेरे गए चित्रों को देखकर लोग बरबस कह उठे —

???? “चकिया की यह धरा अब दूसरी काशी बन गई है।”
???????? सैकड़ों बच्चों ने उकेरी कला – लोग दाँतों तले उंगली दबाने पर मजबूर
इस सुंदरीकरण अभियान की सबसे बड़ी विशेषता रही — बच्चों की भागीदारी।
✔️ 26 विद्यालयों के 150 बच्चे
✔️ 40 अध्यापक, अध्यापिकाएँ और प्रधानाचार्य
✔️ रंग-बिरंगे ब्रश, आकर्षक रंगोलियाँ और अद्भुत पेंटिंग्स
बच्चों ने अपनी छोटी-छोटी हथेलियों और नन्हीं उँगलियों से ऐसी कला उकेरी, जिसे देखकर बड़े-बड़े चित्रकार भी दंग रह जाएं। मंदिर की चारदीवारी ही नहीं, परिसर की ज़मीन तक रंगोलियों से सजी। श्री गणेश, माँ दुर्गा, श्रीराम, बाबा काशी विश्वनाथ जैसी आकृतियों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
लोग कहते नहीं थक रहे —
???? “यह नन्हें कलाकार कोई साधारण बच्चे नहीं, बल्कि आने वाले कल के सांस्कृतिक दूत हैं।”

???? निर्णायक मंडल और प्रतियोगिता का सस्पेंस
कार्यक्रम को प्रतियोगिता का रूप भी दिया गया। निर्णायक मंडल में विवेकानंद जी, मनोज तिवारी, अरविन्द मौर्या, आशीष जी और राजेन्द्र जी जैसे वरिष्ठ लोग शामिल रहे।
सैकड़ों चित्रों का मूल्यांकन हुआ, लेकिन किसे विजेता घोषित किया जाएगा, यह अभी रहस्य बना हुआ है। स्कोरिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन परिणाम नवरात्रि के पावन अवसर पर घोषित होंगे।

यानी चकिया की जनता में उत्सुकता है —
???? “कौन बनेगा इस महाकला प्रतियोगिता का विजेता?”

????️ चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव का वक्तव्य
चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव ने बताया —
???? “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत यह अभियान शुरू किया गया है। हमारा उद्देश्य सिर्फ़ दीवारों पर पेंट कराना नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति को नया जीवन देना है। ठाकुरबाग मंदिर चकिया की पहचान है। नवरात्रि तक इस पूरे कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। हम चाहते हैं कि आने वाला हर भक्त यहाँ आकर यही कहे —
???? ‘सफाई भी है, संस्कृति भी है, और भव्यता भी।’
????️ अधिशासी अधिकारी/उपजिलाधिकारी विनय मिश्रा का वक्तव्य
अधिशासी अधिकारी और उपजिलाधिकारी चकिया विनय मिश्रा ने भावुक होते हुए कहा —
???? “आज इन बच्चों ने जो कर दिखाया है, वह अद्भुत है। नाश्ता तक छोड़कर बच्चे अपने ब्रश और रंगों में डूबे रहे। यह बताता है कि उनमें कितनी लगन और समर्पण है। इनकी कला इतनी नायाब है कि इसे ढूँढ़ने से भी कहीं और नहीं मिलेगा।
हमारी योजना है कि इन पेंटिंग्स की बेहतरीन फोटोग्राफी करवा कर कैलेंडर छपवाया जाए, ताकि चकिया की कला पूरे प्रदेश और देश तक पहुँचे। साथ ही आने वाले दिनों में और भी कई कार्य कराए जाएंगे जिससे चकिया का भव्य सुंदरीकरण हो सके।”
उन्होंने आगे कहा —
???? “चेयरमैन और प्रशासन तो काम कर रहे हैं, लेकिन आम जनता की जागरूकता भी ज़रूरी है। जब तक लोग स्वयं आगे नहीं आएंगे, तब तक स्वच्छता पखवाड़ा अधूरा है।”



???? अतिथि और अधिकारियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में अपर आयुक्त प्रशासन वाराणसी एवं डिस्ट्रीक्ट प्रोग्राम मैनेजर अजय आर्या भी मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा देखकर प्रशंसा की और कहा —
???? “यह सिर्फ़ पेंटिंग नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक क्रांति है।”
इसी दौरान एबीएसए रामटहल ने जानकारी दी कि शहाबगंज और चकिया ब्लॉक के 26 विद्यालयों के 150 बच्चों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया।
???? जनता की भावनाएँ और तालियाँ
मंदिर में जब बच्चे चित्र उकेर रहे थे, तब वहाँ खड़े सैकड़ों लोग ताली बजाते हुए कह रहे थे —
???? “वाह! यह नन्हें हाथ सचमुच भगवान की प्रेरणा हैं।”
लोगों की आँखों में आस्था की चमक और बच्चों की मेहनत का सम्मान साफ झलक रहा था। कई लोग तो भावुक होकर कह बैठे —
???? “आज हम सचमुच दूसरी काशी में आ गए हैं।”
???? नवरात्रि तक भव्य स्वरूप
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण यही है कि यह पूरा सुंदरीकरण कार्य नवरात्रि तक पूरा हो जाएगा। नवरात्र के पावन अवसर पर ठाकुरबाग मंदिर का नया स्वरूप भक्तों के सामने होगा —
✔️ भव्य दीवारें
✔️ चमकती रंगोलियाँ
✔️ जीवंत चित्रकला
✔️ स्वच्छ वातावरण
✍️ Khabari News की टिप्पणी
चकिया का ठाकुरबाग मंदिर अब सिर्फ़ पूजा का स्थान नहीं रहा, बल्कि बच्चों की प्रतिभा और आस्था का संगम बन गया है।
यह कार्यक्रम साबित करता है कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता मिलकर कार्य करें, तो हर जगह सुंदरता और संस्कार दोनों खिल उठते हैं।
???? अंतिम शब्द
✔️ 150 बच्चों की कला
✔️ 40 शिक्षकों का मार्गदर्शन
✔️ नगर पंचायत का प्रयास
✔️ अधिकारियों और नेताओं का सहयोग
✔️ जनता की भागीदारी
इन सबने मिलकर ठाकुरबाग मंदिर को एक नया जीवन दे दिया है। नवरात्रि की घंटियों के साथ जब मंदिर की भव्यता सामने आएगी, तब पूरा चकिया गर्व से कहेगा —
???? “हमारा चकिया, हमारी शान — ठाकुरबाग मंदिर!”



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