© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail
Home » उत्तर प्रदेश » इसहुल में हाई वोल्टेज तार पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तीन दिन बाद अफसरों को झुकना पड़ा

इसहुल में हाई वोल्टेज तार पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तीन दिन बाद अफसरों को झुकना पड़ा

ishul

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली। 

भीषण गर्मी… सिर पर आग उगलता सूरज… और उसी के बीच गांव के ऊपर झूलता “मौत का हाई वोल्टेज तार”।
चंदौली के इसहुल गांव में पिछले तीन दिनों से जो माहौल बना, उसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। गांव की गलियों में आक्रोश था, लोगों की आंखों में डर था और जुबान पर सिर्फ एक सवाल —
“अगर हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा?”

SRVS Sikanderpur

ग्राम पंचायत इसहुल में आबादी के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन अब ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी बन चुकी थी। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई दहशत में था। लोगों का कहना था कि तेज हवा या बारिश के दौरान तारों से निकलने वाली चिंगारियां कई बार लोगों को डरा चुकी हैं। गांव वालों का आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति करता रहा, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

“2017 से 2026 तक… आखिर क्यों विवादों में बना रहा महेंद्र राव प्रकरण?”

धीरे-धीरे गांव का गुस्सा उबल पड़ा।
ग्रामीण सड़क पर उतर आए। विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। हालात ऐसे बने कि इसहुल समेत आसपास के दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। भीषण गर्मी में बिजली कटने से लोग बेहाल हो उठे। पंखे बंद… कूलर शांत… और मोबाइल तक डिस्चार्ज होने लगे। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।

गांव वालों का कहना था कि
“बिजली चाहिए, लेकिन मौत का खतरा नहीं!”

तीन दिनों तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे ने आखिर बिजली विभाग की नींद तोड़ दी। हालात बिगड़ते देख विभाग के एसडीओ पुलिस बल के साथ इसहुल पहुंचे। जैसे ही अधिकारी गांव में पहुंचे, लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। महिलाओं ने बच्चों की सुरक्षा का सवाल उठाया तो युवाओं ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई।

Dalimss Sunbeam Chakia

मौके पर माहौल पूरी तरह गर्म था।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा होगा। गांव के कई लोगों ने दावा किया कि तार इतने नीचे हैं कि डर हमेशा बना रहता है। किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

आखिरकार बढ़ते दबाव के बीच एसडीओ को ग्रामीणों के सामने आश्वासन देना पड़ा। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिजली आपूर्ति बाधित न की जाए ताकि अन्य गांवों के लोगों को परेशानी न हो। साथ ही भरोसा दिलाया कि अगले दो से तीन महीने के भीतर हाई वोल्टेज लाइन का रूट बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी। नई लाइन को आबादी के ऊपर से हटाकर सड़क या चकरोड किनारे से ले जाया जाएगा।

Silver Bells Chakia

एसडीओ ने ग्रामीणों का प्रार्थना पत्र भी स्वीकार किया और समाधान के लिए समय मांगा। अफसरों के आश्वासन के बाद फिलहाल गांव में माहौल शांत जरूर हुआ, लेकिन लोगों के भीतर अविश्वास अब भी साफ दिखाई दे रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब वे सिर्फ वादों पर भरोसा नहीं करेंगे, बल्कि काम जमीन पर शुरू होने का इंतजार करेंगे। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि
“अगर समय रहते आवाज नहीं उठाते, तो शायद प्रशासन कभी जागता ही नहीं।”

इसहुल का यह मामला अब सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि उन तमाम ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बन चुका है जहां आबादी के ऊपर से गुजरती हाई वोल्टेज लाइनें हर दिन लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही हैं।

⚡ सवाल अब भी वही है —
क्या दो-तीन महीने बाद सचमुच बदलेगा “मौत के तार” का रास्ता…
या फिर यह आश्वासन भी सरकारी फाइलों में दफन हो जाएगा?

✍️ खबरी न्यूज वेव पोर्टल
“जहां खबर नहीं, वहां भी खबरी की नजर है…”

raising sun
raising sun
Daidij marka
Daidij marka

Share this post:

Facebook
X
Telegram
Email
WhatsApp

Leave a Comment

लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो

लेटेस्ट न्यूज़ चंदौली

लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज

Advertisement Box

Follow Our Facebook Page

लाइव क्रिकट स्कोर

राशिफल

© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail

error: Content is protected !!